पीएम मोदी के UAE दौरे से भारत को बड़ी रणनीतिक और ऊर्जा साझेदारी की सौगात, कई अहम समझौतों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरे ने भारत और UAE के रिश्तों को नई मजबूती देने का काम किया है। अबू धाबी पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरे के दौरान ऊर्जा, व्यापार और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी।
भारत और UAE के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को लेकर दोनों देशों ने दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और तेज़ी से बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़े समझौते
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी साझेदारी रही। UAE की प्रमुख ऊर्जा कंपनी ADNOC पहले से भारत के भूमिगत तेल भंडारण कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। अब दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी नई सहमतियां बनी हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और ADNOC के बीच LPG सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक स्थिर सप्लाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि वर्तमान समय में भारत की लगभग 40 प्रतिशत LPG जरूरत UAE से पूरी होती है। ऐसे में यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
गुजरात में Ship Repair Cluster पर समझौता
भारत और UAE के बीच गुजरात के वाडिनार में Ship Repair Cluster विकसित करने को लेकर भी MoU साइन किया गया है। इससे समुद्री व्यापार, जहाज मरम्मत और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले समय में भारत को समुद्री व्यापार और शिपिंग सेक्टर में नई ताकत दे सकती है।
भारत-UAE संबंधों को मिलेगा नया विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE नेतृत्व के बीच हुई बैठकों में निवेश, व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत-UAE संबंध और अधिक मजबूत होने वाले हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

