दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट सिर्फ 21 मिनट दूर!RRTS परियोजना की DPR केंद्र को भेजी गई, नोएडा एयरपोर्ट बनेगा बड़ा कार्गो हब

चैंबर विवाद पर बार एसोसिएशन का पलटवार
“नया निर्माण नहीं, पुराने चैंबरों का हो रहा नवीनीकरण”

✈️ दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट सिर्फ 21 मिनट दूर!
📍 नोएडा / लखनऊ | UP News Network
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट और कार्गो हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा समय घटाकर मात्र 21 मिनट करने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना की DPR तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार, विकास कार्यों में तेजी और कॉरपोरेट कल्चर अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को भूमि अधिग्रहण का भुगतान ऑनलाइन और फास्ट मोड में करने तथा नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी जोर दिया।
🚄 हाईस्पीड रेल से भी जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को भी जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। इससे एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पूरा क्षेत्र बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा।
⚖️ चैंबर विवाद पर बार एसोसिएशन ने दिया जवाब
ग्रेटर नोएडा जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबरों को लेकर चल रहे विवाद में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन ने ग्रेनो प्राधिकरण को अपना जवाब सौंप दिया है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि यह कोई नया निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि वर्षों पुराने और जर्जर हो चुके चैंबरों का केवल नवीनीकरण कराया जा रहा है।
📄 प्राधिकरण ने मांगी थी NOC
ग्रेनो प्राधिकरण ने 18 और 19 मई को नोटिस जारी कर निर्माण की वैधता, स्वीकृत मानचित्र, स्ट्रक्चरल डिजाइन और न्यायालय की NOC मांगी थी।
इसके जवाब में बार एसोसिएशन ने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं और चूंकि यह नया निर्माण नहीं है, इसलिए किसी NOC की आवश्यकता नहीं बनती।
👨‍⚖️ “15 साल से नहीं मिले नए चैंबर”
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी और सचिव शोभाराम चंदीला ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में अधिवक्ताओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन नए चैंबर आवंटित नहीं किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व पूरे मामले को विवादित बनाने की कोशिश कर रहे हैं।