ट्विशा केस में कोर्ट में बड़ा खुलासा

जबलपुर हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर सुनवाई; पीड़ित पक्ष ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई

📍 जबलपुर / भोपाल
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में बुधवार को जबलपुर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामला आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कराने से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में कई गंभीर आरोप और दलीलें पेश कीं, जिसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस मामले ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक इस केस को लेकर लगातार बहस जारी है।
⚖️ पीड़ित पक्ष के वकील का बड़ा दावा
सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपी गिरिबाला सिंह ने “क्राइम सीन एविडेंस” और “क्राइम सीन मैनेजमेंट” की ट्रेनिंग ली हुई है।
वकील ने कहा कि:
आरोपी पक्ष आपराधिक मामलों की प्रैक्टिस करता है
उन्हें साक्ष्यों के महत्व और प्रकृति की पूरी जानकारी थी
इसी वजह से साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका और मजबूत होती है
वकील ने कोर्ट से कहा कि यह मामला सामान्य नहीं बल्कि बेहद गंभीर प्रकृति का है।
📹 CCTV फुटेज को लेकर उठे सवाल
पीड़ित पक्ष ने जिला कोर्ट में चले CCTV फुटेज का मुद्दा भी उठाया।
वकील ने सवाल किया कि:
जब DVR और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी थी
तब आरोपी परिवार के पास CCTV फुटेज का एक्सेस कैसे था?
इसी को लेकर कोर्ट में साक्ष्यों से संभावित छेड़छाड़ का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया।
🚨 पुलिस चौकी पास होने के बावजूद देरी क्यों?
सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि:
आरोपी पक्ष के घर से पुलिस चौकी केवल 200–300 मीटर दूरी पर थी
इसके बावजूद घटना की सूचना तुरंत पुलिस को क्यों नहीं दी गई?
पीड़ित पक्ष ने इसे भी संदेह पैदा करने वाला बिंदु बताया।
⚖️ जमानत रद्द करने के लिए पुराने केस का हवाला
पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट में “नरेश कुमार बनाम सरिता अग्रवाल” केस का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में जमानत देने से पहले सभी पहलुओं पर गहराई से विचार जरूरी है।Twisha Sharma Case, Giribala Singh, MP High Court, Bhopal News, Jabalpur High Court, Crime News, Breaking News, UP News Network, Hindi News, Court Hearing
वकील ने यह भी कहा कि:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक समान मामले में जमानत याचिका खारिज की थी
यदि जांच प्रभावित होने की आशंका हो तो जमानत निरस्त की जा सकती है
🛡️ गिरिबाला सिंह पक्ष की दलीलें
गिरिबाला सिंह की ओर से पेश वकील ने सभी आरोपों को खारिज किया।
बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि:
ट्विशा को मौत के लगभग 20 मिनट के भीतर भोपाल AIIMS पहुंचाया गया था
गिरिबाला और समर्थ सिंह जांच में सहयोग कर रहे थे
सहयोग न करने के आरोप गलत हैं
वकील ने यह भी कहा कि:
पोस्टमार्टम के दौरान गिरिबाला सिंह मौजूद नहीं थीं
AIIMS रिपोर्ट के अनुसार शव की पहचान ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने की थी
🏛️ हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब सभी की नजर कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हुई है।
सूत्रों के अनुसार:
फैसला जल्द जारी हो सकता है
आदेश की कॉपी आने के बाद मामले में नया मोड़ संभव है
🟥 UP NEWS NETWORK विशेष टिप्पणी
ट्विशा शर्मा मामला अब केवल एक आपराधिक केस नहीं बल्कि प्रदेश का चर्चित कानूनी और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। कोर्ट में सामने आ रही नई दलीलें और सवाल इस केस को और संवेदनशील बना रहे हैं।
अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *