इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: शादी के तीन महीने बाद फंदे पर मिली कांग्रेस नेता की बहू, मायके पक्ष ने लगाया हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप

इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

इटावा, 17 जून 2026। इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। शादी के महज तीन महीने बाद कांग्रेस नेता और अधिवक्ता के परिवार की बहू अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकी मिली। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, इटावा के थाना कोतवाली क्षेत्र के कटरा फतेह महमूद खां स्थित मोहल्ला लोधी निवासी यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव और अधिवक्ता हंसमुखी शंखवार के पुत्र सचिन शंखवार का विवाह 11 मार्च 2026 को आगरा के जैतपुरा निवासी नरेंद्र कुमार की बेटी मोना के साथ हुआ था।
परिजनों के मुताबिक, शादी के बाद मोना अपने ससुराल में रह रही थी। मंगलवार दोपहर ससुराल पक्ष की ओर से मायके वालों को फोन कर बताया गया कि मोना की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उसके पेट में तेज दर्द हो रहा है। उसे अस्पताल ले जाया गया है।
जब मायके पक्ष के लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि मोना की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अस्पताल में हंगामा, मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
बेटी की मौत की सूचना मिलते ही पिता नरेंद्र कुमार, भाई शिवम और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही मोना को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।
मोना के भाई शिवम ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को आए दिन दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई।
शिवम ने कहा, “हमें फोन कर बताया गया कि बहन के पेट में दर्द है, लेकिन जब हम अस्पताल पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिली। हमें पूरा शक है कि उसकी हत्या की गई है।”
परिजनों ने आरोप लगाया कि मोना का गला घोंटकर हत्या की गई और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद अस्पताल से चले गए ससुराल पक्ष के लोग
मायके पक्ष के हंगामे के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही परिजनों ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाने शुरू किए, ससुराल पक्ष के लोग वहां से चले गए।
हालांकि, इस मामले में ससुराल पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी डॉ. के.के. मिश्रा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। यदि परिजन शिकायत देते हैं, तो उसके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सभी बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
तीन महीने पहले हुई थी शादी
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मोना की शादी को अभी केवल तीन महीने ही हुए थे।
परिजनों के अनुसार, मोना चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि शादी के बाद से मोना को कम ही बाहर देखा गया था। हालांकि, पड़ोसियों ने किसी तरह के विवाद की पुष्टि नहीं की है।
दहेज प्रताड़ना के मामलों पर फिर उठे सवाल
इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर साल देशभर में दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में महिलाओं की मौत के हजारों मामले सामने आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता और सख्त कानूनों के बावजूद ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। क्या यह आत्महत्या का मामला है या हत्या की आशंका सही है? क्या वास्तव में दहेज को लेकर प्रताड़ना की जा रही थी?
इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
नोट: इस खबर में दहेज प्रताड़ना और हत्या से जुड़े आरोप मायके पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। सच्चाई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *