Greater Noida Farmers Plot Allotment के तहत 5 गाँवों के 25 किसानों की 6% आबादी भूखंड सूची, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संपादक एडवोकेट कपिल शर्मा।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के पाँच गाँवों के 25 किसानों की 6% आबादी भूखंड सूची जारी होने की खबर। आवंटन प्रक्रिया और शेष किसानों के अधिकारों पर उठे सवाल।

Greater Noida Farmers Plot Allotment के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अमरपुर, मायचा, पौवारी, घंघोला और चक्रसेनपुर के 25 किसानों की सूची सार्वजनिक की है। छह प्रतिशत आबादी भूखंड के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब 15 दिनों तक आपत्तियां ली जाएंगी। बड़ा सवाल यह है कि सूची में नाम आने के बाद किसानों को वास्तविक भूखंड कब तक मिलेंगे?

ग्रेटर नोएडा, 19 अक्टूबर 2026। जमीन अधिग्रहण के बदले आबादी भूखंड मिलने की प्रतीक्षा कर रहे ग्रेटर नोएडा के पांच गांवों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 25 किसानों से संबंधित छह प्रतिशत आबादी भूखंड के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए उनके नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। यह फैसला लंबे समय से लंबित मामलों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, लेकिन किसानों के हाथ में आवंटन पत्र आने से पहले अभी कुछ आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं।

Greater Noida Farmers Plot Allotment के इस चरण में प्राधिकरण ने संबंधित भूमि और सूची को लेकर आपत्तियां आमंत्रित की हैं। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद पात्रता का परीक्षण किया जाएगा। इसलिए इस निर्णय को अंतिम भूखंड आवंटन मानना जल्दबाजी होगी।

Greater Noida Farmers Plot Allotment: किन पांच गांवों के किसान शामिल?

प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (भूलेख) से संबंधित जानकारी के अनुसार सूची में अमरपुर के 15 किसान और मायचा के सात किसान शामिल हैं। इनके अतिरिक्त पौवारी, घंघोला और चक्रसेनपुर से एक-एक किसान का नाम रखा गया है। इस प्रकार कुल संख्या 25 है।

गांववार आंकड़ों पर नजर डालें तो अमरपुर और मायचा के कुल 22 किसान इस चरण में शामिल हैं, जबकि शेष तीन गांवों से तीन किसान हैं। हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि दूसरे गांवों में आबादी भूखंड के सभी मामले निपट चुके हैं या केवल इतने ही किसान पात्र हैं। यह संख्या वर्तमान में सार्वजनिक की गई सूची से संबंधित है।

Greater Noida Farmers Plot Allotment की इस कार्रवाई से उन परिवारों को उम्मीद मिली है जो अधिग्रहित भूमि के बदले मिलने वाले आवासीय भूखंड के संबंध में प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

15 दिनों में आपत्ति, उसके बाद पात्रता का परीक्षण

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सूचना आपत्ति दर्ज कराने की अवधि है। प्राधिकरण ने कहा है कि संबंधित भूमि के संबंध में किसी व्यक्ति को आपत्ति हो तो वह 15 दिनों के भीतर विशेष कार्याधिकारी (भूलेख) कार्यालय में लिखित आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। इसके बाद पात्रता परीक्षण और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Greater Noida Farmers Plot Allotment से संबंधित किसानों के लिए जरूरी है कि वे प्राधिकरण की मूल सार्वजनिक सूचना में अपने नाम तथा भूमि संबंधी विवरण का मिलान करें। किसी त्रुटि या आपत्ति की स्थिति में निर्धारित समयसीमा के भीतर लिखित आवेदन देना महत्वपूर्ण होगा।

यहां एक सावधानी भी आवश्यक है। उपलब्ध जानकारी में आपत्ति की अवधि 15 दिन बताई गई है, लेकिन अंतिम कैलेंडर तारीख स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसान समाचार प्रकाशित होने की तारीख से स्वयं अंतिम दिन की गणना करने के बजाय प्राधिकरण की मूल सूचना देखें।

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सूची में नाम आया, क्या अब भूखंड मिल गया?

इस प्रश्न का उत्तर है—अभी नहीं। सूची सार्वजनिक होना और वास्तविक भूखंड आवंटित होना दो अलग प्रशासनिक चरण हैं। वर्तमान निर्णय में प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है और नामों पर आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों के निस्तारण तथा पात्रता परीक्षण के बाद ही अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

Greater Noida Farmers Plot Allotment के अंतर्गत किसानों के लिए अगली महत्वपूर्ण जानकारी यह होगी कि अंतिम पात्रता सूची कब बनेगी, भूखंडों का स्थान और क्षेत्रफल कब निर्धारित होगा तथा आवंटन पत्र कब जारी किए जाएंगे।

इन सवालों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि किसी किसान के लिए केवल सूची में नाम दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक राहत तब मिलेगी जब उसे नियमानुसार आवंटित भूखंड के संबंध में स्पष्ट दस्तावेज और आगे की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त होगी।

ग्रेटर नोएडा में आबादी भूखंड का मुद्दा इतना महत्वपूर्ण क्यों?

ग्रेटर नोएडा के विकास में आसपास के गांवों की अधिग्रहित भूमि की बड़ी भूमिका रही है। जहां कभी खेती होती थी, वहां अब औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय सेक्टर, सड़कें और अन्य परियोजनाएं विकसित हुई हैं। इस बदलाव के बीच भूमि देने वाले किसानों के लिए मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़े प्रश्न लगातार महत्वपूर्ण बने रहे हैं।

किसान परिवारों के दृष्टिकोण से आबादी भूखंड केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं है। इसका संबंध परिवार की आवासीय आवश्यकताओं, भविष्य की सुरक्षा और अधिग्रहण के बाद मिलने वाले निर्धारित लाभ से है। यही कारण है कि लंबित मामलों में प्रशासनिक प्रगति की हर सूचना किसानों के लिए मायने रखती है।

Greater Noida Farmers Plot Allotment का मौजूदा निर्णय भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए। पांच गांवों के 25 किसानों की सूची जारी होना सकारात्मक कदम है, लेकिन अन्य लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति जानना भी उतना ही जरूरी है।

पहले भी अलग-अलग गांवों में आगे बढ़ी प्रक्रिया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आबादी भूखंडों के मामलों में पहले भी चरणबद्ध कार्रवाई करता रहा है। अगस्त 2026 के अंत में कासना, हबीबपुर, सैनी और लखनावली के 15 किसानों से संबंधित छह प्रतिशत आबादी भूखंड की सूची जारी होने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद अक्टूबर 2026 की शुरुआत में सैनी गांव के किसानों के लिए भूखंड आवंटन की कार्रवाई की खबर भी सामने आई। उस प्रक्रिया में कुछ भूखंडों के लिए ड्रॉ और अन्य के लिए सीधे आवंटन का तरीका अपनाया गया था।

इन उदाहरणों से इतना स्पष्ट होता है कि अलग-अलग गांवों के मामलों पर विभिन्न चरणों में निर्णय लिए जा रहे हैं। हालांकि एक गांव में अपनाई गई प्रक्रिया या समयसीमा दूसरे गांव के किसानों पर स्वतः लागू नहीं मानी जा सकती।

Greater Noida Farmers Plot Allotment के बाद चार सवाल

ताजा निर्णय के बाद प्राधिकरण के सामने जवाबदेही से जुड़े चार महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। पहला, इन 25 किसानों की पात्रता का अंतिम परीक्षण कब पूरा होगा? दूसरा, पात्र पाए जाने वाले किसानों को आवंटन पत्र जारी करने की संभावित समयसीमा क्या है?

तीसरा प्रश्न भूखंडों के स्थान, क्षेत्रफल और उपलब्धता से संबंधित है। चौथा और व्यापक प्रश्न यह है कि अन्य गांवों के लंबित छह प्रतिशत आबादी भूखंड मामलों को निपटाने के लिए प्राधिकरण की क्या कार्ययोजना है?

यदि इन चरणों की जानकारी सार्वजनिक रूप से नियमित उपलब्ध कराई जाए, तो किसानों को अपने मामलों की स्थिति समझने में सुविधा होगी। इससे आवेदन, आपत्ति और अंतिम आवंटन के बीच की प्रशासनिक प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बन सकती है।

25 किसानों के लिए उम्मीद, बाकी किसानों की प्रतीक्षा जारी

Greater Noida Farmers Plot Allotment के तहत पांच गांवों के 25 किसानों के नाम सार्वजनिक होना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण प्रगति है। लेकिन इस खबर का वास्तविक परिणाम आपत्तियों के निस्तारण, पात्रता की अंतिम पुष्टि और भूखंड आवंटन की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

प्राधिकरण के लिए चुनौती केवल नई सूचियां जारी करना नहीं, बल्कि पहले से लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से अंतिम परिणाम तक पहुंचाना भी है। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें बार-बार अपनी स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

UP News Network का सवाल है—जब 25 किसानों की सूची सामने आ चुकी है, तो उनके अंतिम भूखंड आवंटन की समयसीमा भी क्या सार्वजनिक की जाएगी?

Greater Noida Farmers Plot Allotment की अगली महत्वपूर्ण खबर यही होगी कि 15 दिन की आपत्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने किसानों की पात्रता अंतिम रूप से स्वीकृत होती है और उन्हें वास्तविक आवंटन कब मिलता है।

आधिकारिक जानकारी: आबादी भूखंडों से संबंधित सूचना और प्राधिकरण की अन्य घोषणाओं के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

रिपोर्ट: एडवोकेट कपिल शर्मा (संपादक), UP News Network