Greater Noida Food Safety Raid में 360 किलो रसगुल्ले नष्ट होने की कार्रवाई का सांकेतिक समाचार चित्रग्रेटर नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 360 किलो रसगुल्ले नष्ट। चित्र: सांकेतिक।

Greater Noida Food Safety Raid: देवला और दनकौर में खाद्य विभाग की कार्रवाई, चार निर्माण इकाइयों से नौ नमूने जांच के लिए भेजे गए

ग्रेटर नोएडा, 3 नवंबर 2026 | UP NEWS NETWORK

दीपावली से पहले ग्रेटर नोएडा की मिठाई निर्माण इकाइयों में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच ने स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 2 नवंबर 2026 को दो प्रतिष्ठानों में तैयार रसगुल्लों के भीतर मरी हुई मक्खियां और मच्छर मिलने पर विभाग ने लगभग 360 किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट कराए। Greater Noida Food Safety Raid के दौरान चार अलग-अलग प्रतिष्ठानों से नौ खाद्य नमूने भी प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्र किए गए।

यह मामला केवल खराब मिठाई पकड़े जाने तक सीमित नहीं है। जिस खाद्य पदार्थ को ग्राहक भरोसे के साथ खरीदता है, वह किन परिस्थितियों में तैयार और सुरक्षित रखा जा रहा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण प्रश्न है। त्योहार के दौरान बढ़ती मांग के बीच ऐसी लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ती है।

देवला की निर्माण इकाई में 300 किलो रसगुल्ले नष्ट

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा के देवला स्थित सोनू पाल की रसगुल्ला निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां तैयार रसगुल्लों में मक्खियां और मच्छर पाए गए। विभाग ने लगभग 300 किलोग्राम रसगुल्लों को प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर नष्ट करा दिया।

Greater Noida Food Safety Raid में इस प्रतिष्ठान से दूध, छेना और रसगुल्ले के अलग-अलग नमूने लिए गए। इनकी प्रयोगशाला जांच से संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी। निरीक्षण के दौरान मिली प्रत्यक्ष गंदगी के आधार पर मिठाई नष्ट कराने की कार्रवाई और नमूनों की वैज्ञानिक जांच दो अलग प्रक्रियाएं हैं।

दनकौर में 60 किलो छेना रसगुल्ले नष्ट

दूसरी कार्रवाई गढ़ी बावन बीघा, दनकौर स्थित कृष्णा स्वीट भंडार में हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा और विजय बहादुर पटेल की टीम को यहां भी रसगुल्लों में मरी हुई मक्खियां और मच्छर मिले। इसके बाद लगभग 60 किलोग्राम छेना रसगुल्ले नष्ट कराए गए।

इस प्रतिष्ठान से छेना रसगुल्ला और डोडा बर्फी के नमूने लिए गए। Greater Noida Food Safety Raid में दो अलग स्थानों पर एक जैसी समस्या सामने आने से मिठाई निर्माण और भंडारण के दौरान कीट नियंत्रण तथा साफ-सफाई की निगरानी का प्रश्न महत्वपूर्ण हो गया है।

जोधपुरवाला और तिलपता की इकाइयां भी जांच के दायरे में

विभागीय अभियान में जोधपुरवाला स्थित मिठाई निर्माण इकाई का भी निरीक्षण हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने यहां से केसर चमचम और लड्डू के नमूने लिए।

इसी प्रकार तिलपता कर्णवास, दादरी स्थित मुलायम सिंह की मिठाई निर्माण इकाई से बूंदी के लड्डू और रसगुल्ले के नमूने एकत्र किए गए। यहां निरीक्षण करने वाली टीम में ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज शामिल थे।

Greater Noida Food Safety Raid के उपलब्ध विवरण में इन दोनों स्थानों पर मिठाई नष्ट कराने की कार्रवाई दर्ज नहीं है। इसलिए केवल नमूने लिए जाने के आधार पर संबंधित खाद्य पदार्थों को मिलावटी या असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।

नौ नमूनों की जांच से तय होगी कानूनी कार्रवाई

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार, अभियान के दौरान कुल नौ खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें दूध, छेना, रसगुल्ला, केसर चमचम, लड्डू और डोडा बर्फी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

Greater Noida Food Safety Raid के बाद विभाग की अगली कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। जिन नमूनों में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके संबंध में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अभी प्रयोगशाला के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।

यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी खाद्य पदार्थ में दिखाई देने वाली गंदगी और उसकी रासायनिक अथवा अन्य गुणवत्ता संबंधी जांच अलग विषय हैं। विभाग ने प्रत्यक्ष रूप से अनुपयुक्त पाए गए रसगुल्लों को तत्काल नष्ट कराया, जबकि बाकी नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।

त्योहार के बाजार में स्वच्छता की जिम्मेदारी किसकी?

Greater Noida Food Safety Raid ने मिठाई कारोबार की पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर ध्यान दिलाया है। ग्राहक आमतौर पर दुकान का काउंटर और वहां रखी मिठाइयां देखता है, लेकिन निर्माण इकाई की स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता, उपकरणों की सफाई और भंडारण की परिस्थितियां उसकी नजरों से दूर रहती हैं।

दूध और छेना से बनने वाली मिठाइयों में साफ-सफाई और उचित भंडारण विशेष महत्व रखते हैं। तैयार मिठाई को खुले में छोड़ना, कीटों से बचाव की व्यवस्था नहीं रखना या अस्वच्छ उपकरणों का इस्तेमाल करना खाद्य सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए नियमित निरीक्षण के साथ निर्माण इकाइयों में वास्तविक सुधार सुनिश्चित करना आवश्यक है।

खाद्य कारोबारियों को खरीद और भंडारण संबंधी निर्देश

विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे लाइसेंसी अथवा पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामग्री खरीदें। खरीद का बिल सुरक्षित रखने तथा निर्माण तिथि, बैच नंबर और संबंधित विवरण जांचने पर भी जोर दिया गया है।

Greater Noida Food Safety Raid के संदर्भ में ये निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर शिकायत मिलने की स्थिति में उसके स्रोत और आपूर्ति संबंधी जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक होता है। इससे जांच और जवाबदेही की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।

खाद्य सुरक्षा मानकों और उपभोक्ता जागरूकता से संबंधित आधिकारिक जानकारी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

पहले ऑनलाइन किराना गोदाम, अब मिठाई निर्माण इकाइयां

गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा की निगरानी से जुड़ा यह पहला हालिया मामला नहीं है। इससे पहले ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म से जुड़े 18 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में 16 को सुधार नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई थी। उस कार्रवाई में भंडारण और आवश्यक अभिलेखों से संबंधित कमियां पाई गई थीं।

दोनों घटनाओं की प्रकृति अलग है, लेकिन सार्वजनिक हित का प्रश्न समान है—खाद्य सामग्री उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले किन परिस्थितियों में तैयार और सुरक्षित रखी जाती है? Greater Noida Food Safety Raid के बाद अब मिठाई निर्माण इकाइयों की निगरानी भी इसी सवाल के केंद्र में है।

यह भी पढ़ें: नोएडा में ऑनलाइन किराना स्टोरों की जांच: 18 ठिकानों में 16 को नोटिस, खाद्य सुरक्षा पर सवाल

उपभोक्ता मिठाई खरीदते समय क्या देखें?

त्योहारों पर मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की व्यवस्था और मिठाई की ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी मिठाई पर मक्खियां बैठ रही हों या भंडारण की स्थिति अस्वच्छ दिखाई दे, तो ऐसी सामग्री खरीदने से बचना बेहतर है।

पैक्ड खाद्य पदार्थों पर उपलब्ध निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और निर्माता संबंधी जानकारी जांचना उपयोगी है। खरीदारी का बिल भी सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि गुणवत्ता संबंधी शिकायत की स्थिति में खरीद का विवरण उपलब्ध कराया जा सके।

Greater Noida Food Safety Raid: अब जांच रिपोर्ट और सुधार पर रहेगी नजर

ग्रेटर नोएडा में 360 किलो रसगुल्ले नष्ट कराने की कार्रवाई ने तत्काल खतरे की आशंका वाले खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोका। लेकिन इस घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि संबंधित निर्माण इकाइयों में स्वच्छता संबंधी कमियां दूर कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

Greater Noida Food Safety Raid के बाद नौ नमूनों की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहार के दौरान निरीक्षण अभियान जारी रखने की बात कही है। उपभोक्ताओं का भरोसा केवल छापेमारी से नहीं, बल्कि नियमित निगरानी, समयबद्ध जांच और मानकों के प्रभावी पालन से मजबूत होगा।

By: Advocate Kapil Sharma
Editor: UP News Network
Email: advocatekapil.noida@gmail.com
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