Deepika Death Case: दहेज की आग में बुझ गई एक और बेटी, ग्रेटर नोएडा की दीपिका की मौत से उठे कई सवाल
Deepika Death Case: दहेज की मांग ने छीनी एक बेटी की जिंदगी
ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में 24 वर्षीय दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित दहेज हत्या बताते हुए पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष फॉर्च्यूनर कार और अतिरिक्त नकदी की मांग करता रहा।
“रिश्तों की मर्यादा के लिए सब कुछ सहती रही”
दीपिका के परिजनों के मुताबिक वह बेहद शांत और संस्कारी लड़की थी। उसने रिश्तों और परिवार की इज्जत बनाए रखने के लिए हर प्रताड़ना सहन की, लेकिन ससुराल पक्ष की मांगें लगातार बढ़ती रहीं। परिवार का कहना है कि कई बार समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन हालात नहीं बदले।
पति BA LLB छात्र, मृतका कर चुकी थी B.Ed
आरोपी पति ऋतिक बीए एलएलबी का छात्र बताया जा रहा है और साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करता है। उसके पिता मनोज गांव के पूर्व प्रधान बताए जा रहे हैं। वहीं मृतका दीपिका बीएड कर चुकी थी और पढ़ाई में अच्छी मानी जाती थी।
घटना से पहले भी हुई थी मारपीट
परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन भी दीपिका ने फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार के लोग जलपुरा गांव पहुंचे, लेकिन वहां भी माहौल तनावपूर्ण बना रहा। देर रात सूचना मिली कि दीपिका छत से गिर गई है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
परिवार का दावा है कि अस्पताल पहुंचने पर दीपिका के शरीर पर कई चोटों के निशान दिखाई दिए। हाथ, पैर, पेट और गले पर गंभीर चोटें थीं। परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
पुलिस जांच जारी, पति और ससुर गिरफ्तार
ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
गांव में भारी आक्रोश
घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में रोष का माहौल है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दहेज के नाम पर बेटियों की मौत अब समाज के लिए सबसे बड़ा कलंक बन चुकी है।
Conclusion
Deepika Death Case केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। कानून सख्त होने के बावजूद दहेज की भूख आज भी बेटियों की जिंदगी निगल रही है। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद सामने आएगी।

