Cyber Crime Special: ऑनलाइन दोस्ती, ब्लैकमेल और लाखों की ठगी… नोएडा से सादाबाद तक साइबर जालसाजों का खौफ
Noida Cyber Crime: ऑनलाइन गेम से दोस्ती, फिर ब्लैकमेल
नोएडा के सेक्टर-39 क्षेत्र में रहने वाली एक महिला साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो गई। पीड़िता के अनुसार, उनकी बड़ी बहन की पहचान वर्ष 2023 में ऑनलाइन गेम के माध्यम से विकास कुमार नाम के व्यक्ति से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने परिवार की निजी जानकारी जुटाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने की धमकी देकर करीब 10 लाख रुपये की ठगी की। हालांकि बाद में पुलिस और कोर्ट की मदद से करीब 8.45 लाख रुपये वापस मिल गए, लेकिन आरोपी लगातार सोशल मीडिया के जरिए परिवार को परेशान करता रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी
महिला ने बताया कि आरोपी उनके परिवार की निजी गतिविधियों, गाड़ी नंबर और अन्य जानकारियों को सोशल मीडिया पर भेजकर डराता था। इसके बाद फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट और चैट वायरल करने लगा। यहां तक कि परिवार की अन्य महिलाओं को भी परेशान किया गया। मामले में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
Sadabad Cyber Fraud: फेसबुक पर “भाई” बनकर ठगे 9 लाख
दूसरा मामला सादाबाद क्षेत्र से सामने आया है, जहां फेसबुक पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट महिला के लिए भारी पड़ गई। पीड़िता चंद्रवती के अनुसार, विपिन गुप्ता नामक व्यक्ति ने पहले भाई बनकर विश्वास जीता और फिर आर्थिक मदद के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए।
महिला ने बताया कि आरोपी ने पहले 12 हजार रुपये मंगवाए और फिर धीरे-धीरे करीब चार लाख रुपये खातों में डलवा लिए। इसके बाद आरोपी ने पांच लाख रुपये और उधार लिए, जिन्हें वापस नहीं किया गया।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों मामलों में साइबर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अजनबियों से बातचीत करते समय लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
बढ़ता साइबर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधी अब भावनात्मक संबंधों और भरोसे का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग तेजी से इनके जाल में फंस रहे हैं। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है।
Conclusion
नोएडा और सादाबाद की ये घटनाएं केवल ठगी के मामले नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरे की चेतावनी हैं। ऑनलाइन दोस्ती और सोशल मीडिया पर भरोसा अब सावधानी के बिना भारी पड़ सकता है।

