मालदीव के ‘इंडिया आउट’ अभियान पर शशि थरूर का बड़ा बयान, संकट के समय भारत की मदद को ठहराया मिसाल

नई दिल्ली:
भारत और मालदीव के बीच बदलते कूटनीतिक रिश्तों के बीच कांग्रेस सांसद और पूर्व राजनयिक शशि थरूर का एक बड़ा बयान सामने आया है। मालदीव में आए हालिया जल संकट और भारत द्वारा भेजी गई त्वरित सहायता का जिक्र करते हुए शशि थरूर ने पड़ोसी देश को भारत की अहमियत का अहसास कराया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भले ही वहां भारत विरोधी अभियान चलाए गए हों, लेकिन मुसीबत के वक्त भारत ही सबसे पहले खड़ा नजर आया।
‘इंडिया आउट’ का नारा देने वालों को भारत ने दिया करारा जवाब
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मालदीव के पिछले घटनाक्रमों को याद करते हुए कहा, “मालदीव में एक समय पर राजनीतिक फायदों के लिए बड़े पैमाने पर ‘इंडिया आउट’ (India Out) अभियान चलाया गया था। भारत के खिलाफ माहौल बनाने की पूरी कोशिश की गई थी। लेकिन, जब मालदीव में पानी का गंभीर संकट खड़ा हुआ, तो वहां की सरकार की मदद के लिए सबसे पहले हाथ भारत ने ही आगे बढ़ाया।” थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) की नीति को हमेशा सर्वोपरि रखा है।
वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ भारत का भरोसा
शशि थरूर ने भारत की विदेश नीति और कूटनीति की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा संकट के समय राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर पड़ोसी देशों की मानवीय मदद को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि इसी निस्वार्थ और मददगार रवैये की वजह से आज पूरी दुनिया में भारत पर भरोसा और ज्यादा मजबूत हुआ है। थरूर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भारत की विदेश नीति की जमकर सराहना हो रही है।