Ayodhya Ram Mandir: ‘कलंक लेकर नहीं जाऊंगा’, चढ़ावा चोरी विवाद के बीच एकांतवास से चंपत राय का बड़ा बयान, कहा- अयोध्या में मेरी सेवा पूरी हुई!

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में नया मोड़, चंपत राय ने करीबियों से बयां किया अपना दर्द, निष्पक्ष जांच की मांग की।

Ayodhya Ram Mandir राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा अपडेट सामने आया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, जो इन दिनों कथित तौर पर एकांतवास में समय बिता रहे हैं, उन्होंने अपने बेहद करीबी लोगों से बातचीत के दौरान एक बेहद भावुक और बड़ा बयान दिया है. सूत्रों के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, चंपत राय ने इस बातचीत में न सिर्फ अपने भविष्य को लेकर बड़ी बात कही है, बल्कि वर्तमान में चल रहे चढ़ावा चोरी के विवाद पर गहरा दुख और आक्रोश भी प्रकट किया है. राम मंदिर आंदोलन से लेकर भव्य मंदिर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले चंपत राय का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर पूरी अयोध्या नगरी और देश की राजनीति में हलचल मची हुई है. सूत्रों के मुताबिक, भावुक होते हुए चंपत राय ने अपने शुभचिंतकों से कहा, “अयोध्या में मेरी सेवा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन मैं अपने माथे पर कोई कलंक लेकर यहाँ से नहीं जाऊँगा”.
अपनी बेदाग छवि और कड़े फैसलों के लिए जाने जाने वाले चंपत राय ने अपने ऊपर लग रहे इन कथित आरोपों पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है. एकांतवास के दौरान उनके करीबियों से हुई इस चर्चा में यह बात निकलकर सामने आई है कि वे इस पूरे प्रकरण से मानसिक रूप से काफी आहत हैं. उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन भगवान श्री राम की सेवा और राम मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित रहा है. ऐसे में उनके जीवन के इस पड़ाव पर उनकी छवि को धूमिल करने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, उसका सच देश के सामने हर हाल में आना चाहिए. चंपत राय ने यह भी साफ़ किया कि वे जाँच से पीछे हटने वाले नहीं हैं, बल्कि वे खुद चाहते हैं कि इस पूरे मामले की दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए. उनका मानना है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान की पवित्रता और ट्रस्ट की साख पर उठ रहे हर सवाल का जवाब जांच एजेंसियों को पूरी निष्पक्षता के साथ खोजना होगा.
इस बेहद संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए कई बड़ी जाँच एजेंसियाँ अपने-अपने स्तर पर इस पूरे प्रकरण की सघन जांच में जुटी हुई हैं. मंदिर परिसर और ट्रस्ट के खातों, रसीदों तथा डिजिटल चढ़ावे के तमाम रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर गवाहों और सेवादारों से भी पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि, इस पूरे मामले पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या स्वयं चंपत राय की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक लिखित बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है. यह पूरी बातचीत चंपत राय द्वारा एकांतवास के दौरान अपने बेहद व्यक्तिगत और विश्वसनीय सूत्रों से कही गई बातों पर आधारित है, जिसने अब पूरी मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
चढ़ावा चोरी का यह मामला केवल अयोध्या या राम मंदिर ट्रस्ट तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर इस पर सामाजिक और राजनीतिक चर्चाएं भी बेहद तेज हो गई हैं. विपक्ष की नजरें भी इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर देश भर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं भी इस पवित्र मंदिर से जुड़ी होने के कारण लोग जल्द से जल्द इस रहस्य के खुलासे की मांग कर रहे हैं. प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जैसे-जैसे जांच के कदम आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे कई नए और चौंकाने वाले तथ्यों के सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में कुछ आंतरिक कर्मचारियों या बाहरी तत्वों की मिलीभगत हो सकती है, लेकिन जब तक आधिकारिक पुष्टि या जांच एजेंसियों की अंतिम क्लोजर रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक इस पूरे प्रकरण की वास्तविक और कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाएगी. चंपत राय के इस ताजा और भावुक रुख से यह साफ़ हो गया है कि वे अपने ऊपर लगे किसी भी लांछन को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं और उन्होंने अपनी तरफ से विदाई के संकेत भी दे दिए हैं. अब सभी को इंतजार है तो बस जांच एजेंसियों की उस अंतिम रिपोर्ट का, जो यह तय करेगी कि करोड़ों रुपयों के इस चढ़ावे में आखिर कहाँ और किसने सेंध लगाने की हिमाकत की है.