बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 3 अगस्त 2026 को आएगा निर्णय

बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। अदालत ने वकीलों को दो सप्ताह के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस बहुचर्चित मामले में 3 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया जाएगा।

बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 3 अगस्त 2026 को आएगा निर्णय
नई दिल्ली | UP News Network | 2 जुलाई 2026
बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामला एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अंतिम निर्णय 3 अगस्त 2026 को सुनाया जाएगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे आगामी दो सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें अदालत में प्रस्तुत करें। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और कानूनी तर्कों के आधार पर अंतिम फैसला सुनाएगा।
मामला क्या है?
यह मामला वर्ष 2023 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था, जब देश की कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन हुआ, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान शामिल रहीं।
विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। इनमें से एक मामला नाबालिग पहलवान से जुड़ा था, जिसमें पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत जांच की गई थी।
पॉक्सो मामला पहले ही बंद हो चुका
नाबालिग पहलवान से जुड़े मामले में बाद में शिकायतकर्ता के पिता द्वारा अपना बयान बदलने के बाद जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। अदालत ने वर्ष 2025 में उस मामले को बंद कर दिया था।
हालांकि, अन्य महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित मुख्य मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में जारी रही।
मई 2024 में तय हुए थे आरोप
अदालत ने मई 2024 में बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर के विरुद्ध आरोप तय किए थे। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने अपने गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे।
अब दोनों पक्षों की मौखिक बहस पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अदालत का ताजा आदेश
सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि—
दोनों पक्ष दो सप्ताह के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करें।
सभी दस्तावेजों और कानूनी बिंदुओं का अध्ययन करने के बाद अदालत अपना निर्णय सुनाएगी।
अंतिम फैसला 3 अगस्त 2026 को सुनाया जाएगा।
बृजभूषण शरण सिंह का पक्ष
बृजभूषण शरण सिंह लगातार सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं और उन्होंने किसी भी महिला पहलवान के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया।
उनके अनुसार पूरा मामला राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से खड़ा किया गया तथा अदालत में सत्य सामने आएगा।
देशभर की नजर फैसले पर
यह मामला केवल खेल जगत तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीति, महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और खेल संगठनों की कार्यप्रणाली से जुड़े बड़े सवाल भी इस मामले के साथ जुड़े रहे हैं। इसलिए अब 3 अगस्त 2026 को आने वाले अदालत के फैसले पर पूरे देश की नजर रहेगी।
निष्कर्ष
फिलहाल अदालत ने किसी भी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। न्यायालय ने केवल फैसला सुरक्षित रखा है और दोनों पक्षों को अपनी अंतिम लिखित दलीलें प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त 2026 को आने वाले न्यायिक निर्णय पर टिकी हैं, जिससे इस बहुचर्चित मामले की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
(नोट: यह समाचार न्यायालय में चल रही कानूनी कार्यवाही पर आधारित है। अंतिम निर्णय अदालत द्वारा 3 अगस्त 2026 को सुनाया जाएगा। किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक कानून की दृष्टि में निर्दोष माना जाता है।)