10 साल बाद जेल से बाहर आया कुख्यात गैंगस्टर चीनू पंडित: वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट, पुलिस की कड़ी नजर
रुड़की: देवभूमि उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत का एक बड़ा नाम, गैंगस्टर चीनू पंडित आखिरकार 10 साल बाद रुड़की जेल से रिहा हो गया है। सशर्त जमानत पर बाहर आए चीनू पंडित की रिहाई के साथ ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। वेस्ट यूपी से लेकर उत्तराखंड तक हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अपनी पिस्टल को ‘महबूबा’ कहकर संबोधित करने वाले चीनू पंडित की रिहाई को देखते हुए जेल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
कौन है चीनू पंडित और क्यों है चर्चा में?
चीनू पंडित का नाम लंबे समय से सुनील राठी गैंग के साथ खूनी दुश्मनी के लिए जाना जाता है। दोनों गैंग्स के बीच हुए कई खूनी संघर्षों में चीनू के गिरोह को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पुलिस को यह आशंका है कि जेल से बाहर आते ही चीनू अपने पुराने नेटवर्क को फिर से संगठित करने और नए गुर्गों को जोड़ने की कोशिश कर सकता है। इसी के मद्देनजर एसटीएफ (STF) उसके हर कदम पर पैनी नजर रख रही है।
2014 के गैंगवार की टीस अभी भी ताजा
पुलिस इस बार विशेष एहतियात इसलिए बरत रही है क्योंकि 5 अगस्त 2014 की घटना अभी भी ताजा है। उस दिन रुड़की जेल के बाहर प्रतिद्वंद्वी गिरोह ने घात लगाकर फायरिंग की थी, जिसमें चीनू के तीन करीबी साथी—रमन मारवाह, तरुण त्यागी और लोकेंद्र राठी—मारे गए थे। उस हमले में चीनू पंडित बाल-बाल बच गया था।
क्यों गया था जेल और क्या है मौजूदा स्थिति?
चीनू पंडित मई 2016 में रुड़की के रामनगर चौक स्थित ‘क्लासिक बार’ में हुए आकाश त्यागी हत्याकांड के मामले में जेल गया था। उस पर धारा 304/34 आईपीसी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। हाल ही में एडीजे प्रथम रुड़की की अदालत और स्पेशल गैंगस्टर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है। फिलहाल, उसके खिलाफ 1-2 मामले अभी भी कोर्ट में चल रहे हैं। हालांकि, पहले उसके ऊपर 8-10 गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि उसकी रिहाई के बाद अपराध जगत में फिर से हलचल शुरू होने की आशंका बनी हुई है।
