25 सेकंड में बिछ गई लाशें: बागपत के डबल मर्डर ने दहला दिया उत्तर प्रदेश
10 साल पुरानी रंजिश का खूनी अंत, व्यापारी और बेटे की हत्या के बाद हिस्ट्रीशीटर भीड़ के हत्थे चढ़ा; CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
बागपत में 25 सेकंड का खूनी खेल, व्यापारी और बेटे की हत्या से दहला प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में मंगलवार शाम हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली बस अड्डे के पास स्थित एक व्यस्त बाजार में टेंट व्यापारी सोहनलाल और उनके इकलौते बेटे विकास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसने इस दोहरे हत्याकांड की भयावह तस्वीर सामने ला दी।
पुलिस के अनुसार घटना शाम लगभग 5 बजकर 50 मिनट पर हुई। दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच से छह बदमाश अचानक दुकान पर पहुंचे। बदमाशों का निशाना सीधे व्यापारी सोहनलाल थे। दुकान में घुसते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। सोहनलाल को कई गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोलीबारी की आवाज सुनकर उनका बेटा विकास बचाने के लिए आगे आया, लेकिन हमलावरों ने उसे भी निशाना बना लिया। कुछ ही सेकंड में पिता और पुत्र दोनों खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े।
25 सेकंड में पूरा खेल खत्म
CCTV फुटेज के अनुसार हमलावरों ने पूरी वारदात को लगभग 25 सेकंड में अंजाम दिया। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि आरोपी दुकान में घुसते हैं, गोलियां बरसाते हैं और फिर बाहर निकलने की कोशिश करते हैं।
लेकिन इस बार कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
फायरिंग के बाद आसपास मौजूद व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने हमलावरों का पीछा कर दिया। इसी दौरान मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी भीड़ के हत्थे चढ़ गया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मेरठ मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
10 साल पुरानी दुश्मनी का खौफनाक बदला
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की जड़ें लगभग दस साल पुरानी हैं।
वर्ष 2016 में रंगदारी और मारपीट के एक मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। उसी दौरान हुई एक गोलीबारी में आरोपी वरुण लुहारी के भाई कपिल की मौत हो गई थी। तब से यह दुश्मनी दोनों परिवारों के बीच बनी हुई थी।
बताया जा रहा है कि वरुण अपने भाई की मौत का बदला लेना चाहता था। हरिद्वार में रह रहे वरुण ने कथित रूप से अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई और मंगलवार को अदालत में पेशी के बहाने क्षेत्र में पहुंचा। इसके बाद सीधे सोहनलाल की दुकान पर जाकर खूनी वारदात को अंजाम दिया।
व्यापारी समाज में भारी आक्रोश
घटना के बाद पूरे बड़ौत बाजार में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों ने तत्काल बाजार बंद करा दिया। दुकानों के शटर गिर गए और हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
व्यापारियों ने दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई व्यापारिक संगठनों ने कहा कि यदि व्यापारियों को सुरक्षा नहीं मिलेगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
व्यापारी नेताओं का आरोप है कि मृतक परिवार ने पहले भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं
बागपत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई विशेष टीमें गठित की हैं। स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और विभिन्न थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े बाजार के बीच हुई इस घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर था, तो वह इतने बड़े हमले को अंजाम देने में कैसे सफल हो गया?
दूसरा सवाल यह है कि भीड़ द्वारा आरोपी की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना भी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना मामला
व्यापारी और उसके बेटे की हत्या, आरोपी हिस्ट्रीशीटर की भीड़ द्वारा मौत, CCTV फुटेज और दस साल पुरानी रंजिश—इन सभी कारणों से बागपत का यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर फरार आरोपी कब तक पकड़े जाते हैं और इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में आगे क्या खुलासे सामने आते हैं।
