नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिली ई-बसों की बड़ी सौगात, सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी; 500 बसें चलाने का रोडमैप तैयार

11 आधुनिक एसी सिटी बसों का संचालन शुरू, नोएडा एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा व प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को मिलेगा सीधा कनेक्शन; यात्रियों को मिलेगी सीसीटीवी, चार्जिंग और आरामदायक सफर की सुविधा

नोएडा/ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के लाखों यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आधुनिक ई-बस सेवा का शुभारंभ करते हुए नई सिटी बसों को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की मांग कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
नोएडा के सेक्टर-33ए स्थित शिल्प हाट में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बसों को रवाना किया गया। प्रारंभिक चरण में 11 आधुनिक वातानुकूलित बसों का संचालन शुरू किया गया है, जिनमें एक डबल डेकर बस भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी, जिससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया भविष्य का रोडमैप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं और यहां आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ई-बस सेवा शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल 45 ई-बसों के संचालन की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा 110 बसों के संचालन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में मांग और आवश्यकता के अनुसार गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में लगभग 500 ई-बसों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
उनका कहना था कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन न केवल यात्रियों को सुविधा देगा बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद करेगा।
एयरपोर्ट और मेट्रो तक मिलेगी सीधी सुविधा
नई बस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से जोड़ा गया है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
बसों के प्रमुख रूटों में परी चौक से नोएडा एयरपोर्ट, चार मूर्ति से एयरपोर्ट, सूरजपुर से एयरपोर्ट, नोएडा सिटी सेंटर से कलेक्ट्रेट सूरजपुर, बॉटनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और बॉटनिकल गार्डन से आरआरटीएस स्टेशन तक के मार्ग शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन के बाद इन रूटों का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा क्योंकि यात्रियों को सीधे सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
नई ई-बसों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सभी बसें पूर्ण रूप से वातानुकूलित हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है ताकि यात्रा के दौरान यात्रियों को परेशानी न हो।
प्रत्येक बस में लगभग 41 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अलावा बसों का संचालन पर्यावरण के अनुकूल तकनीक के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
किराए में हुआ बदलाव
बस सेवा शुरू होने से ठीक पहले किराए में संशोधन किया गया। पहले न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 20 रुपये और अधिकतम 50 रुपये कर दिया गया।
नए किराया ढांचे के अनुसार:
0 से 10 किलोमीटर तक – ₹20
10 से 30 किलोमीटर तक – ₹30
30 किलोमीटर से अधिक – ₹50
हालांकि कुछ यात्रियों ने किराया बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सेवा को देखते हुए किराया उचित रखा गया है।
सेक्टर-90 बनेगा संचालन का केंद्र
सभी बसों का संचालन सेक्टर-90 स्थित बस डिपो से किया जाएगा। यहीं पर बसों की चार्जिंग, रखरखाव और मरम्मत की व्यवस्था विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में एक आधुनिक वर्कशॉप भी स्थापित की जाएगी ताकि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में बसों को शीघ्र दुरुस्त किया जा सके।
सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले कई वर्षों से सार्वजनिक परिवहन को लेकर चुनौतियां बनी हुई थीं। निजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, जिससे सड़कों पर दबाव बढ़ता जा रहा था। नई ई-बस सेवा को इस समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शहर के लोगों का मानना है कि यदि बसों की संख्या बढ़ाई गई और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर देंगे।
विकास की नई दिशा
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में गिना जाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के बीच बेहतर परिवहन नेटवर्क की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी।
नई ई-बस सेवा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में 500 ई-बसों के लक्ष्य के साथ यह क्षेत्र देश के सबसे आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में शामिल हो सकता है।
UP News Network का मानना है कि यदि बस सेवा का विस्तार योजनानुसार हुआ, तो यह न केवल यात्रियों के लिए राहत साबित होगी बल्कि पूरे गौतमबुद्ध नगर की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा परिवर्तन ला सकती है। 🚍🚩

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