डॉ. महेश शर्मा की मौजूदगी में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 15 लाख युवाओं को ₹2,400 करोड़ की सौगात
डॉ. महेश शर्मा ने कहा—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों को परिवार मानकर काम करते हैं; युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. महेश शर्मा की उपस्थिति में गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस (NIOS) ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
यह कार्यक्रम केवल आर्थिक सहायता वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव है और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि भविष्य का उद्यमी, नवाचारकर्ता और राष्ट्र निर्माण का भागीदार है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
गौतमबुद्ध नगर के सांसद और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर काम करते हैं और उनकी हर योजना का केंद्रबिंदु देश का आम नागरिक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का भी माध्यम है।
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश है और यदि युवाओं को सही दिशा, संसाधन और अवसर मिलें तो भारत विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी सोच के साथ केंद्र और राज्य सरकार मिलकर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की योजनाएं युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
यदि डॉ. महेश शर्मा के सार्वजनिक जीवन की बात करें तो उनका नाम गौतमबुद्ध नगर में केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक चिकित्सक और समाजसेवी के रूप में भी सम्मान के साथ लिया जाता है।
करीब 42 वर्षों से वे स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चिकित्सा सेवा से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले डॉ. महेश शर्मा ने वर्ष 1986 में नोएडा में स्वास्थ्य सेवाओं की नींव रखी। बाद में कैलाश अस्पताल समूह के माध्यम से उन्होंने हजारों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया।
उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ और नोएडा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होने लगीं।
चिकित्सा क्षेत्र में लंबे अनुभव और समाजसेवा की भावना ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया। उन्होंने जनसेवा को व्यापक रूप देने के लिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा और विधायक, सांसद तथा केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।
डॉ. महेश शर्मा लगातार तीन बार गौतमबुद्ध नगर से सांसद चुने जा चुके हैं, जो क्षेत्र की जनता के उनके प्रति विश्वास को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि डॉ. महेश शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि वे जनसंपर्क और जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद बनाए रखते हैं।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि केंद्र सरकार युवाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना चाहती है।
वहीं, डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि युवाओं को रोजगार, कौशल और अवसर उपलब्ध कराना केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का साझा संकल्प है।
गौतमबुद्ध नगर में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र के युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। 15 लाख से अधिक लाभार्थियों तक ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार रोजगार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर गंभीर है।
डॉ. महेश शर्मा की 42 वर्षों की सेवा यात्रा और युवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस कार्यक्रम में साफ दिखाई दी। चिकित्सा सेवा से लेकर राजनीति तक उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि यदि जनसेवा का संकल्प मजबूत हो तो किसी भी माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
UP News Network
सच्चाई की आवाज़।

