मुख्यमंत्री योगी नोएडा दौरा: 15,023 करोड़ के निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, 69 परियोजनाओं की देंगे सौगात
मुख्यमंत्री योगी नोएडा दौरा के दौरान यमुना सिटी में तीन मेगा औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास, नोएडा प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण और 2,478 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी नोएडा दौरा शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के लिए विकास, निवेश और रोजगार के लिहाज से ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा और यमुना सिटी में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वह 15,023 करोड़ रुपये के निवेश वाली तीन बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, 390 करोड़ रुपये की लागत से बने नोएडा प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करेंगे तथा 2,478 करोड़ रुपये की कुल 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं से जिले के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री योगी नोएडा दौरा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) में आयोजित होगा। यहां मुख्यमंत्री तीन मेगा औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें कुल 15,023 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
इन परियोजनाओं में 3,250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला असेंट-के सर्किट्स का इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एवं सेमीकंडक्टर सर्किट निर्माण संयंत्र शामिल है। इसके अलावा 3,520 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज का होम एप्लायंसेज एवं कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण प्लांट स्थापित किया जाएगा। तीसरी और सबसे बड़ी परियोजना सेल सोलर पी-6 की है, जिसमें 8,253 करोड़ रुपये की लागत से पांच गीगावाट क्षमता वाला सोलर सेल एवं पांच गीगावाट क्षमता वाला सोलर मॉड्यूल निर्माण संयंत्र स्थापित होगा।
यीडा के अधिकारियों के अनुसार यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा औद्योगिक संयंत्र होगा, जहां सोलर सेल का निर्माण किया जाएगा। अभी तक प्रदेश में केवल सोलर मॉड्यूल का उत्पादन होता है। इन तीनों परियोजनाओं के शुरू होने से यमुना सिटी देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी नोएडा दौरा के दौरान नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित सात मंजिला नए प्रशासनिक भवन का भी लोकार्पण किया जाएगा। लगभग 390 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। भवन में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्राधिकरण के कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और गति आएगी। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भवन की सातवीं मंजिल पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री नोएडा में कुल 2,478 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इनमें 1,045 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 1,434 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
लोकार्पित होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में 608 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड भी शामिल है, जो अगाहपुर से एनएसईजेड तक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त दो नई सीवर लाइनें, रेनीवेल परियोजना, सड़क एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाएं भी जनता को समर्पित की जाएंगी।
शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में सेक्टर-123 का अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-63, 15 और 124 में मल्टीलेवल पार्किंग, सेक्टर-91 का डियर पार्क, सेक्टर-167 का लेक व्यू पार्क, सेक्टर-145 एवं 146 में नए विद्युत उपकेंद्र, सेक्टर-44, 52 और 120 में डिजिटल लाइब्रेरी सहित अनेक विकास कार्य शामिल हैं। इसके अलावा प्रमुख सड़कों की रिसर्फेसिंग, फुटपाथ निर्माण, नालों के सुधार और शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाली परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया जाएगा।
औद्योगिक निवेश के साथ-साथ रोजगार के क्षेत्र में भी यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार तीनों नई औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री किसानों और उद्यमियों को प्लॉट आवंटन पत्र भी वितरित करेंगे। साथ ही परिसर में आयोजित एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) तथा एमएसएमई प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों, पीएसी जवानों तथा अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
गौतमबुद्ध नगर के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि विकास, निवेश, रोजगार और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े निवेश से नोएडा और यमुना सिटी देश के प्रमुख औद्योगिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेंगे। साथ ही प्रदेश सरकार की निवेश आकर्षित करने की नीति को भी नई मजबूती मिलेगी।
स्थानीय लोगों, उद्योग जगत और निवेशकों को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से गौतमबुद्ध नगर आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे बड़े औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

