एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी रजिस्ट्री: वर्षों बाद भी मालिकाना हक से वंचित फ्लैट खरीदार, रजिस्ट्री के लिए भटक रहे निवासी

एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी रजिस्ट्री का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पूरी कीमत चुकाने के बावजूद कई परिवार वर्षों से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द समाधान की मांग की है।

एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी रजिस्ट्री: वर्षों बाद भी मालिकाना हक से वंचित फ्लैट खरीदार, रजिस्ट्री के लिए भटक रहे निवासी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में रहने वाले सैकड़ों फ्लैट खरीदार आज भी अपने घर की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। कई परिवार वर्षों पहले फ्लैट खरीद चुके हैं, पूरी कीमत का भुगतान भी कर चुके हैं और लंबे समय से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन कानूनी रूप से मालिकाना हक अभी तक नहीं मिल सका है। रजिस्ट्री न होने के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ती जा रही है।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर अपना आशियाना खरीदा था। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका घर कानूनी रूप से उसके नाम पर दर्ज हो, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह सपना अधूरा है। फ्लैट खरीदारों को अलग-अलग विभागों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, फिर भी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, उन्होंने बिल्डर को फ्लैट की पूरी कीमत का भुगतान समय पर कर दिया था। इसके बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उनका कहना है कि घर में रहने के बावजूद वे कानूनी रूप से अपने ही मकान के पूर्ण स्वामी नहीं बन पाए हैं। यही कारण है कि भविष्य को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।
एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार कौशिक ने बताया कि रजिस्ट्री का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। सोसाइटी के निवासी लगातार संबंधित विभागों और प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं। कई मामलों में न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाना पड़ा है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि रजिस्ट्री की समस्या के साथ-साथ सोसाइटी में कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी बना हुआ है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो फ्लैट खरीदारों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
सोसाइटी के निवासी हीरा सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने फ्लैट की पूरी कीमत चुका दी है और कई वर्षों से परिवार सहित वहीं रह रहे हैं। इसके बावजूद रजिस्ट्री नहीं होने के कारण उन्हें अपने ही घर का पूरा मालिकाना अधिकार नहीं मिल पाया है। उनका कहना है कि यह स्थिति बेहद निराशाजनक है।
वहीं चंद्रशेखर यादव का कहना है कि घर खरीदने के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि उसका मकान कानूनी रूप से उसके नाम पर हो। लेकिन वर्षों बाद भी रजिस्ट्री न होने से परिवार स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति ने खरीदारों का भरोसा कमजोर किया है।
रवि प्रताप ने बताया कि निवासी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। उनका कहना है कि मेहनत की कमाई से खरीदा गया घर आज भी अधूरा महसूस होता है क्योंकि कानूनी स्वामित्व का अधिकार नहीं मिल पाया है।
नवीन शर्मा ने कहा कि यदि बिल्डर पूरी कीमत लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है तो यह फ्लैट खरीदारों के साथ अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले में गंभीर हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रजिस्ट्री न होने से भविष्य में संपत्ति से जुड़े कई कानूनी और वित्तीय मामलों में दिक्कतें आ सकती हैं। बैंकिंग, उत्तराधिकार, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य प्रक्रियाओं में भी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
सोसाइटी के निवासियों ने प्रशासन, संबंधित विभागों और बिल्डर से मांग की है कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रारंभ कराई जाए ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे फ्लैट खरीदारों को उनके घर का वैधानिक अधिकार मिल सके।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी अपने घर के लिए लगाई है। अब वे केवल यही चाहते हैं कि उन्हें उनके घर का कानूनी स्वामित्व भी मिले और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।
एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी रजिस्ट्री का यह मामला अब केवल एक सोसाइटी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लंबित रजिस्ट्री से जुड़े व्यापक मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। ऐसे में सभी प्रभावित परिवारों की निगाहें अब प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का समाधान कब तक सुनिश्चित करते हैं।