गाजियाबाद: सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर में अंत, पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन
गाजियाबाद: खोड़ा कॉलोनी में 11वीं के छात्र सूर्या की नृशंस हत्या के मामले में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या का मुख्य आरोपी असद, जिस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में ढेर हो गया है। इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
डीसीपी धवल जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने और पैसे लेकर भागने की फिराक में खोड़ा थाना क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और चेकपॉइंट स्थापित किए।
कुछ देर बाद असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया और चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी असद को गोली लग गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसका उपचार जारी है। पुलिस ने आरोपी की बाइक और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद कर ली है।
क्या थी पूरी घटना?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, सूर्या और मुख्य आरोपी असद पहले से परिचित थे। 28 मई को किसी बात को लेकर सूर्या का असद से झगड़ा हुआ था। इसके बाद बकरीद पर ‘कुर्बानी’ दिखाने और पार्टी का बहाना बनाकर असद ने सूर्या को बुलाया। पहले तो सूर्या ने जाने से मना किया, लेकिन फिर पार्टी और मुबारकबाद के वास्ते पर वह तय जगह पर पहुँच गया, जहाँ सात दरिंदों ने मिलकर उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी।
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मांग
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित सूर्या की मां सरोज ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि, “असद का एनकाउंटर तो सिर्फ शुरुआत है, मैं बाकी आरोपियों की भी वही हालत देखना चाहती हूँ। उन सभी सात लोगों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए।”
वहीं, स्थानीय निवासी और पीड़ित के पड़ोसी अंकित ने भी सरकार से मांग की है कि बाकी बचे छह आरोपियों का भी एनकाउंटर हो और उनकी संपत्ति जब्त की जाए।
क्षेत्र में तनाव, प्रशासन सतर्क
घटना के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनाव और डर की स्थिति है। शनिवार को माहौल न बिगड़े, इसके लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। क्षेत्र की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने घरों की छतों से स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
इस संवेदनशील मामले में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा ने परिवार को हर संभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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