केरल की नई कैबिनेट का पूरा रिपोर्ट कार्ड: कौन सबसे अमीर मंत्री, किस पर सबसे ज्यादा केस?
केरल में नई सरकार का गठन, अब मंत्रियों की प्रोफाइल पर चर्चा
केरल में नई सरकार के गठन के साथ ही अब मंत्रियों की संपत्ति, शिक्षा और आपराधिक मामलों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन समेत कुल 21 मंत्रियों ने शपथ ली है। नई सरकार में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), आरएसपी और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं को शामिल किया गया है।
नई कैबिनेट के गठन के बाद अब जनता के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर सबसे अमीर मंत्री कौन है, किस मंत्री पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं और कौन सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा नेता है।
सबसे अमीर मंत्री कौन?
नई सरकार में सबसे ज्यादा संपत्ति वाले मंत्री शिबू बेबी जॉन बताए जा रहे हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 24.63 करोड़ रुपये है।
टॉप-5 सबसे अमीर मंत्री
शिबू बेबी जॉन – ₹24.63 करोड़
के. मुरलीधरन – ₹21.14 करोड़
अनूप जैकब – ₹20.87 करोड़
वीई अब्दुल गफूर – ₹8.82 करोड़
रमेश चेन्निथला – ₹7.94 करोड़
किस मंत्री पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले?
नई कैबिनेट में एडवोकेट ओजे जनीश सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं। उनके खिलाफ कुल 68 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
प्रमुख मंत्रियों पर दर्ज मामले
मंत्री
दर्ज मामले
ओजे जनीश
68
बिंदु कृष्णा
49
टी. सिद्दीकी
39
वीडी सतीशन
18
रमेश चेन्निथला
7
शिक्षा के मामले में कैसी है नई सरकार?
नई कैबिनेट को शिक्षा के मामले में काफी मजबूत माना जा रहा है। 20 मंत्रियों में से 16 मंत्री ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या प्रोफेशनल डिग्री धारक हैं।
प्रमुख शिक्षित मंत्री
रोजी एम जॉन – एम.फिल, एमए
बिंदु कृष्णा – एलएलएम
एम लिजू – एलएलएम
मोंस जोसेफ – एमए, एलएलबी
शिबू बेबी जॉन – बीटेक
वीडी सतीशन – एलएलबी
युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन
नई सरकार में युवा और वरिष्ठ नेताओं का संतुलन देखने को मिल रहा है।
सबसे युवा मंत्री
ओजे जनीश – 37 वर्ष
रोजी एम जॉन – 43 वर्ष
सबसे वरिष्ठ मंत्री
पीके कुन्हालीकुट्टी – 74 वर्ष
के. मुरलीधरन – 69 वर्ष
नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के सामने बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश और कानून-व्यवस्था जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी। विपक्ष पहले ही मंत्रियों की संपत्ति और आपराधिक मामलों को लेकर सवाल उठाना शुरू कर चुका है।
अब देखना होगा कि नई सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

