PM Modi in Netherlands: नीदरलैंड में गूंजा बंगाल का चुनावी नारा- ‘बच्चे मांगे मां की गोदी, बंगाल मांगे नरेंद्र मोदी’ | UPNN

विदेश की धरती पर गूंजा बंगाल की सियासत का नारा: नीदरलैंड में पीएम मोदी के सामने लगे नारे- ‘बच्चे मांगे मां की गोदी, बंगाल मांगे नरेंद्र मोदी’
एम्स्टर्डम/लखनऊ (UPNN): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान प्रवासी भारतीयों (Diaspora) का उत्साह अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार नीदरलैंड से एक बेहद अनोखी और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई है। नीदरलैंड में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी की एक जनसभा के दौरान वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा एक ऐसा नारा लगाया, जिसने न सिर्फ हॉल में मौजूद लोगों को चौंका दिया, बल्कि अब भारत के राजनीतिक गलियारों में भी इसकी भारी गूंज सुनाई दे रही है।
1. “बंगाल मांगे नरेंद्र मोदी” – एम्स्टर्डम के हॉल में लगा नारा
प्रधानमंत्री मोदी जैसे ही नीदरलैंड में रह रहे प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठा। लेकिन इसी बीच तिरंगा हाथ में लिए भारतीय दर्शकों के एक बड़े समूह ने पूरे जोश के साथ एक नया नारा लगाना शुरू किया:
“बच्चे मांगे मां की गोदी, बंगाल मांगे नरेंद्र मोदी।”
विदेश की धरती पर, जहां आमतौर पर राष्ट्रीय मुद्दों या भारत माता की जय के नारे लगते हैं, वहां सीधे तौर पर भारत के एक विशेष राज्य (पश्चिम बंगाल) की राजनीति का जिक्र होना बेहद चौंकाने वाला और अनूठा माना जा रहा है।
2. सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल, छिड़ी बहस
जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सामने आया, यह तुरंत वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी भी दर्शकों के इस अनोखे उत्साह और नारे को सुनकर मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
भारत में इस वीडियो के सामने आते ही सियासी घमासान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों का कहना है कि यह नारा साबित करता है कि पश्चिम बंगाल के लोग मौजूदा व्यवस्था से कितना तंग आ चुके हैं और बदलाव की यह छटपटाहट अब देश की सीमाएं पार कर विदेशों में बैठे बंगालियों तक भी पहुंच चुकी है। वहीं, विपक्ष ने इसे केवल एक प्रायोजित पीआर स्टंट करार दिया है।
3. UPNN का विशेष विश्लेषण: वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय राजनीति की गूंज
UP News Network (UPNN) के विशेष राजनैतिक विश्लेषण के अनुसार, इस घटना के गहरे मायने हैं। पश्चिम बंगाल में बीते कुछ समय से चल रही राजनीतिक उठापटक, कानून-व्यवस्था के मुद्दे और चुनावी हिंसा की खबरें लगातार अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचती रही हैं। नीदरलैंड और यूरोप के अन्य देशों में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के आईटी प्रोफेशनल्स और छात्र रहते हैं।
विदेश की धरती पर इस तरह का नारा लगना यह साफ तौर पर दर्शाता है कि प्रवासी भारतीय अब केवल भारत की विदेश नीति या अर्थव्यवस्था पर ही नजर नहीं रख रहे, बल्कि वे राज्यों के आंतरिक राजनीतिक घटनाक्रमों और वहां होने वाले बदलावों को लेकर भी बेहद संवेदनशील और मुखर हो चुके हैं।