UP राजनीति: दिल्ली दरबार से लखनऊ तक सस्पेंस, विभागों के बंटवारे पर आखिर क्यों खामोश हैं ‘साहब’? सरकार और संगठन के बीच पेच गहराया

लखनऊ / नोएडा (UP News Network):
उत्तर प्रदेश की सियासत में इस समय एक ऐसी खामोशी छाई हुई है, जिसने बड़े-बड़े राजनैतिक पंडितों को हैरान कर दिया है। बीते 10 मई को हुए भारी-भरकम मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि 15 मई तक नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हर हाल में हो जाएगा। लेकिन आज 17 मई बीत जाने के बाद भी सूचियों पर मुहर नहीं लग सकी है। राजनैतिक गलियारों में अब सीधा सवाल तैर रहा है कि आखिर इस पूरे मामले पर आलाकमान यानी ‘साहब’ क्यों खामोश हैं?
6 नए और 2 पदोन्नत मंत्रियों की सांसें अटकीं
सूत्रों के हवाले से मिल रही पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस देरी की सबसे बड़ी वजह सरकार और संगठन के बीच कुछ बेहद महत्वपूर्ण और मलाईदार विभागों को लेकर मची खींचतान है। मंत्रिमंडल में शामिल हुए 6 नए चेहरे और प्रमोट हुए 2 मंत्रियों की सांसें इस भीषण गर्मी में भी अटकी हुई हैं। हर कोई बस इसी इंतजार में है कि दिल्ली से कब हरी झंडी मिलती है और कब यह गतिरोध टूटता है।
संगठन और सरकार के बीच फंसा पेच
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि सरकार जहां काम की गति और प्रशासनिक पकड़ को मजबूत रखने के लिए कुछ खास चेहरों को आगे रखना चाहती है, वहीं संगठन आगामी राजनैतिक समीकरणों और जातीय संतुलन को साधने के पक्ष में है। इसी वैचारिक मतभेद के कारण पूरी फाइल अटक गई है। जब तक ‘साहब’ का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक लखनऊ से लेकर दिल्ली तक यह सस्पेंस ऐसे ही बरकरार रहने वाला है।
पूरी इनसाइड स्टोरी शाम के विशेष अंक में!
आखिर वो कौन से विभाग हैं जिन पर सहमति नहीं बन पा रही है? और संगठन की तरफ से क्या शर्तें रखी गई हैं? इस पूरे राजनैतिक चक्रव्यूह का एक-एक पन्ना हम खोलेंगे आज शाम 8:00 बजे के हमारे विशेष अंक में। शाम को हमारी वीडियो रिपोर्ट और डिजिटल अखबार के माध्यम से इस खबर का सबसे बड़ा और सटीक विश्लेषण आपके सामने होगा। जुड़े रहिए ‘UP News Network’ के साथ।