पश्चिम बंगाल में बड़ा फैसला: सरकारी स्कूलों के बाद अब मदरसों में भी अनिवार्य हुआ ‘वंदे मातरम्’, सुवेंदु सरकार का कड़ा आदेश

मदरसों में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’: सुवेंदु अधिकारी सरकार के ऐतिहासिक फैसले से गरमाई बंगाल की राजनीति
उत्तर प्रदेश (नोएडा): पश्चिम बंगाल की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने एक और बहुत बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में भी क्लास शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रार्थना सभा में राष्ट्रगीत गाना होगा ज़रूरी
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब हर मदरसे में प्रतिदिन सुबह होने वाली प्रार्थना सभा (Pre-class assembly) के दौरान सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए राष्ट्रगीत गाना आवश्यक होगा।
पहले स्कूलों, अब मदरसों पर लागू: गौरतलब है कि इससे पहले राज्य सरकार सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने का निर्णय ले चुकी थी। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत इस नियम के दायरे को बढ़ाते हुए इसे मदरसों पर भी पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
सरकार का तर्क: इस कड़े फैसले पर सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी के भीतर राष्ट्रगीत के प्रति गहरी श्रद्धा पैदा करना, देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राज्य में सांस्कृतिक व सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।
बंगाल में नई राजनैतिक बहस तेज
इस ऐतिहासिक और कड़े नीतिगत फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि पश्चिम बंगाल के भीतर शिक्षा, संस्कृति और तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर एक नई और तीखी बहस छिड़ सकती है। जहां एक तरफ इस फैसले को राष्ट्रहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी गलियारों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
इस बड़े बदलाव और इसके बाद होने वाले हर राजनैतिक घटनाक्रम पर UP News Network की खोजी नज़र लगातार बनी रहेगी।