NEET UG Paper Leak: ’22 लाख बच्चों से धोखा, चुप क्यों हैं मोदी?’ राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की | UPNN

NEET UG पेपर लीक पर राहुल गांधी का सबसे बड़ा हमला: ’22 लाख छात्रों के साथ हुआ धोखा, चुप क्यों हैं पीएम मोदी?’ शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग
नई दिल्ली/लखनऊ (UPNN): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET-UG 2026) के पूरी तरह रद्द होने के बाद देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि देश के 22 लाख से अधिक होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय पुरानी कमेटियों का खेल खेल रही है।
1. “2024 और 2026 का पैटर्न एक जैसा” – राहुल गांधी का तीखा हमला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साल 2024 और वर्तमान 2026 के नीट पेपर लीक मामलों की तुलना करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:
“NEET 2024 में पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई, मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, सीबीआई जांच बैठी और एक कमेटी बनी। अब NEET 2026 में फिर पेपर लीक हुआ, परीक्षा पूरी तरह रद्द हुई, लेकिन मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जांच कर रही है और एक और नई कमेटी बनेगी। मोदी जी, देश आपसे जवाब मांग रहा है!”
राहुल गांधी ने सीधा सवाल किया कि देश में बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? ‘परीक्षा पे चर्चा’ करने वाले प्रधानमंत्री इस गंभीर राष्ट्रीय संकट पर पूरी तरह चुप क्यों हैं? उन्होंने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस नाकामी की जिम्मेदारी लें।
2. WhatsApp पर परीक्षा से दो दिन पहले ही बिक गया था पेपर!
राहुल गांधी ने अपने वीडियो संदेश में एक और सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के 22 लाख से ज्यादा बच्चों ने दिन-रात एक करके सालों मेहनत की, लेकिन उनकी मेहनत को चंद पैसों के लालच में बर्बाद कर दिया गया। राहुल के मुताबिक, “पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही नीट का मूल प्रश्नपत्र व्हाट्सएप (WhatsApp) पर शेयर किया जा रहा था और खुलेआम बांटा जा रहा था। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।”
3. अंदरूनी सच: CBI जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा (मास्टरमाइंड गिरफ्तार)
UP News Network (UPNN) की खोजी रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ही पैनल में शामिल दो बड़े विषय विशेषज्ञों (Experts) को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अंदर से पेपर लीक किया था:
पुणे और लातूर कनेक्शन: सीबीआई ने पुणे से बॉटनी की सीनियर टीचर मनीषा मंधारे और लातूर से केमिस्ट्री के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है।
घर पर चल रही थी सीक्रेट क्लास: आरोप है कि इन प्रोफेसरों ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही अपने घर पर कुछ चुनिंदा छात्रों को बुलाकर हुबहू वही सवाल और जवाब लिखा दिए थे, जो 3 मई की परीक्षा में आने वाले थे।
5 राज्यों में फैला था जाल: जयपुर की प्रिंटिंग प्रेस से लेकर नासिक, गुरुग्राम, बिहार और केरल के कोचिंग सेंटरों तक करीब 410 से 500 प्रश्नों का एक पीडीएफ दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिए लाखों रुपयों में बेचा गया था। सीबीआई अब तक इस मामले में 9 से ज्यादा आरोपियों को दबोच चुकी है।
4. UPNN का विशेष विश्लेषण: अब आगे क्या होगा?
लाखों छात्रों और अभिभावकों के भारी आक्रोश को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-Examination) आगामी 21 जून को आयोजित की जाएगी। UPNN के इस राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषण के अनुसार, यह मामला अब सिर्फ एक परीक्षा के लीक होने का नहीं रह गया है। यह देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख पर एक बहुत बड़ा धब्बा है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद के आगामी सत्र में पूरी ताकत से उठाने की तैयारी में है। जब तक शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक देश के लाखों छात्रों का भरोसा इस सिस्टम पर वापस लौटना नामुमकिन है।