जेवर में 15 साल के बच्चे की हत्या का सफल खुलासा – पुलिस एनकाउंटर में 2 आरोपी घायल
जेवर (ग्रेटर नोएडा), 27 मई 2026: ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र के बनवारीवास (बनवारी बांस) गांव में 15 वर्षीय मासूम गोपाल शर्मा की बेहद क्रूर और निर्मम हत्या का पुलिस ने आज सफल खुलासा कर दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। मात्र एक छोटे से विवाद को लेकर पड़ोसियों ने बच्चे की जान ले ली, जिसकी पूरी घटना ने समाज में चिंता और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया है।गोपाल शर्मा कौन थे?
गोपाल शर्मा 15 वर्षीय एक सामान्य स्कूली छात्र थे। उनके पिता रवि भूषण उर्फ बंटी शर्मा हैं। परिवार गांव में साधारण जीवन जी रहा था। गोपाल को पड़ोसी भी अच्छे से जानते थे। कोई नहीं सोच सकता था कि एक छोटे से झगड़े में उनके साथ इतनी बर्बरता की जाएगी।घटना का पूरा क्रम:21 मई 2026 को गोपाल शर्मा घर से निकले और उसके बाद वापस नहीं लौटे। परिवार ने काफी देर तक इंतजार किया, जब बच्चा नहीं पहुंचा तो उन्होंने तुरंत जेवर थाने में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया। परिवार पूरे इलाके में बच्चे की तलाश करता रहा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।23 मई 2026 को रोही गांव के एक बंद और खंडहर मकान में गोपाल का शव बरामद किया गया। शव की हालत देखकर हर कोई सकते में आ गया। पूरे शरीर पर क्रूर यातनाओं के निशान थे। चोटों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि देखने वाले भी दहल गए। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि परिवार को पहचानने में भी मुश्किल हुई। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में भारी आक्रोश फैल गया। गांव वालों ने सड़क जाम कर दिया, प्रदर्शन किए और न्याय की मांग को लेकर जेवर थाने के सामने धरना दिया।पुलिस की तेज कार्रवाई और सफल खुलासागौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने मामले को गंभीरता से लिया। विशेष टीम गठित की गई और CCTV फुटेज, स्थानीय पूछताछ तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई। आखिरकार आज 27 मई 2026 को पुलिस को बड़ी सफलता मिली।पुलिस की टीम ने तीनों मुख्य आरोपियों के साथ मुठभेड़ की। इस एनकाउंटर में दो आरोपियों को गोली लगी और वे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिए गए। एक अन्य साथी आरोपी को कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया। आरोपियों के पास से एक अवैध तमंचा और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।आरोपी: नरेश
उमेश
मोहित
(तीनों ही गोपाल शर्मा के पड़ोसी बताए जा रहे हैं)हत्या का मोटिव
जांच के दौरान पता चला कि हत्या का कारण बेहद छोटा और नाकाफी था। हुक्का पिलाने को लेकर छोटा सा विवाद हुआ था। गोपाल की दादी ने आरोपियों को फटकार लगाई थी। इसी छोटे से मुद्दे को लेकर आरोपियों ने बदला लेने की ठान ली और मासूम बच्चे को अगवा कर क्रूर यातनाएं देकर उसकी हत्या कर दी।परिवार और गांव वालों की भावनाएं
गोपाल के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां-बाप और दादी का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने कहा, “हमारा 15 साल का बच्चा सिर्फ एक छोटे विवाद की वजह से इस दुनिया से चला गया। हमें फाँसी की सजा चाहिए। कोई भी माफ नहीं किया जाना चाहिए।”गांव वाले भी एक स्वर में न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए खतरे की घंटी हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून की जरूरत है।पुलिस का आधिकारिक बयान
गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने कहा कि “मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है। सभी साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। हम पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।”समाज के लिए सबक
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि छोटे-छोटे विवाद कितनी खतरनाक शक्ल ले सकते हैं। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों, समाज और प्रशासन को और ज्यादा सतर्क रहना होगा।मासूम गोपाल शर्मा की आत्मा को शांति मिले।
हमारी मांग है — हत्यारोपियों को फाँसी की सजा मिलनी चाहिए! पूरा न्याय हो।
