राहुल गांधी पर याचिकाएं दायर करने वाले भाजपा कार्यकर्ता को मिल सकती है Z+ सुरक्षा, गृह मंत्रालय कर रहा पुनर्विचार
राहुल गांधी पर याचिकाएं दायर करने वाले भाजपा कार्यकर्ता को मिल सकती है Z+ सुरक्षा
गृह मंत्रालय कर रहा पुनर्विचार, हाईकोर्ट में बड़ा घटनाक्रम
📰 UP NEWS NETWORK | विशेषांक
📍 लखनऊ / नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विभिन्न याचिकाएं दायर करने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की सुरक्षा बढ़ाने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि गृह मंत्रालय शिशिर की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने अदालत में दावा किया कि राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के कारण उन्हें लगातार खतरे मिल रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने मौजूदा सुरक्षा को बढ़ाकर अखिल भारतीय स्तर की Z+ सुरक्षा देने की मांग की है।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है।
केंद्र सरकार ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि:
– कर्नाटक सरकार
– उत्तर प्रदेश सरकार
– केरल सरकार
– दिल्ली पुलिस
को शिशिर की सुरक्षा चिंताओं पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि अदालत ने फिलहाल अंतरिम रूप से Z+ सुरक्षा देने का आदेश नहीं दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि सक्षम प्राधिकारी जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर याचिकाकर्ता को सूचित करेगा।
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राहुल गांधी नागरिकता विवाद फिर चर्चा में
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़ा विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गया। याचिकाकर्ता की ओर से 20 अप्रैल को पारित एक आदेश को वापस लेने की मांग की गई।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी द्वारा पारित किया गया था, जिसमें सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था।
बाद में यह मामला न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ को सौंपा गया। बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व आदेश को वापस लेने संबंधी अर्जी पर वही पीठ निर्णय ले सकती है जिसने मूल आदेश पारित किया था।
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राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर भी यह विषय तेजी से ट्रेंड कर रहा है। भाजपा समर्थक इसे “राष्ट्रहित और कानूनी लड़ाई” बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गृह मंत्रालय सुरक्षा बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लेता है, तो यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां याचिकाकर्ता को मिले कथित खतरों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी निगरानी कर रही हैं। मामले को संवेदनशील मानते हुए कई स्तरों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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UP NEWS NETWORK विशेष टिप्पणी
राजनीति, न्यायपालिका और सुरक्षा—तीनों से जुड़ा यह मामला अब राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में गृह मंत्रालय का निर्णय इस पूरे विवाद को नई दिशा दे सकता है।
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