ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़: पड़ोसी की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, नोएडा में वकीलों का बुद्धि शुद्धि हवन जारी

ग्रेटर नोएडा में हत्या के आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा, वहीं ई-रजिस्ट्री के निजीकरण के विरोध में नोएडा के वकील आठवें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे।

ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़ और नोएडा में चल रहे वकीलों के आंदोलन ने शनिवार को जिले की दो बड़ी खबरों को सुर्खियों में ला दिया। एक ओर बादलपुर कोतवाली पुलिस ने पड़ोसी की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की, तो दूसरी ओर सेक्टर-33ए स्थित उपनिबंधन कार्यालय में वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर बुद्धि शुद्धि हवन कर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
पड़ोसी की हत्या के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में 19 जून को हुई पड़ोसी जीवन किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं।
शनिवार देर रात लोकल इंटेलिजेंस से सूचना मिलने पर बादलपुर कोतवाली पुलिस ने अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री के आगे एनटीपीसी कट स्थित अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को आते दिखाई दिए।
पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक नागर उर्फ विक्की निवासी अच्छेजा और विशाल निवासी रायल सिटी, अच्छेजा के रूप में हुई है।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पड़ोसी जीवन किशोर की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
मृतक की पुत्री की शिकायत पर बादलपुर कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अब हत्या के पीछे के कारणों और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नोएडा में वकीलों का आंदोलन तेज
दूसरी ओर, नोएडा के सेक्टर-33ए स्थित उपनिबंधन कार्यालय में ई-रजिस्ट्री प्रणाली के संभावित निजीकरण के विरोध में वकीलों का आंदोलन लगातार जारी है।
वकील पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में बुद्धि शुद्धि हवन आयोजित कर विरोध दर्ज कराया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण डेढ़ा ने कहा कि लखनऊ में हुई बैठक में शामिल लोगों का संबंध प्राधिकरण और नगर निगम क्षेत्र से नहीं था। उन्होंने कहा कि लखनऊ से जारी पत्र में भले ही यह स्पष्ट किया गया हो कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली का निजीकरण नहीं होगा, लेकिन जब तक रजिस्ट्री विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वकीलों का कहना है कि वे मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे और उन्हें लिखित आदेश चाहिए।
क्या हैं वकीलों की मुख्य मांगें?
वकीलों की प्रमुख मांगों में ई-रजिस्ट्री प्रणाली में निजीकरण पर रोक, रजिस्ट्री प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और सुविधाओं में सुधार शामिल हैं।
वकीलों का आरोप है कि यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया का निजीकरण किया गया तो इससे अधिवक्ताओं के अधिकार और आम जनता के हित प्रभावित होंगे।
वहीं प्रशासन का कहना है कि सरकार की मंशा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की है।
कानून-व्यवस्था और जनहित के दो बड़े मुद्दे
शनिवार को सामने आईं ये दोनों घटनाएं अलग-अलग मुद्दों से जुड़ी जरूर हैं, लेकिन दोनों का सीधा संबंध कानून-व्यवस्था और जनहित से है।
एक तरफ पुलिस ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का संदेश देने की कोशिश की है, तो दूसरी ओर वकील अपनी पेशेवर और जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हत्या मामले की जांच में और क्या तथ्य सामने आते हैं तथा वकीलों की हड़ताल को समाप्त करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
फिलहाल, ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़ और नोएडा वकीलों का आंदोलन जिले की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल हो चुके हैं।
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