अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर भ्रामक पोस्ट का मामला: साइबर क्राइम थाने में 3 लोगों पर FIR दर्ज, जांच शुरू

क्या है पूरा अदिति यादव भ्रामक पोस्ट मामला और क्यों मचा है इस पर बवाल?
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुपुत्री को लेकर फैलाई जा रही अदिति यादव भ्रामक पोस्ट के मामले में पुलिस ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। कानपुर के साइबर क्राइम थाने में इस भ्रामक और छवि धूमिल करने वाली पोस्ट को लेकर आधिकारिक तौर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन लोगों को नामजद किया है और उनकी तलाश तेज कर दी है।
मामले की तह में जाएं तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ दिनों से एक विशेष आईडी के जरिए अदिति यादव भ्रामक पोस्ट तेजी से वायरल की जा रही थी। इस पोस्ट में आधुनिक तकनीकों (AI या एडिटिंग टूल्स) का गलत इस्तेमाल करके एक तस्वीर को पूरी तरह से बदला (Edit) गया था। संपादित तस्वीर के साथ बेहद आपत्तिजनक और पूरी तरह से आधारहीन दावे किए गए थे, जिसमें कहा गया था कि वे किसी नाइजीरियन मुस्लिम युवक के साथ चली गई हैं। इस भ्रामक पोस्ट का एकमात्र उद्देश्य अखिलेश यादव के परिवार की समाज और राजनीति में प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुँचाना था।
जैसे ही यह अदिति यादव भ्रामक पोस्ट इंटरनेट पर फैली, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिला। पार्टी की छवि और एक बेटी के सम्मान को ढाल बनाते हुए अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने तुरंत एक्शन लिया। प्रवीण यादव ने सीधे कानपुर के साइबर क्राइम थाने में लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस पोस्ट में प्रस्तुत किए गए किसी भी तथ्य का वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से एक सोची-समझकर रची गई राजनीतिक और सामाजिक साजिश है।

कानपुर साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, 3 मुख्य आरोपियों पर FIR दर्ज और UP NEWS NETWORK का कड़ा रुख
इस हाई-प्रोफाइल मामले पर डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिना किसी देरी के एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने इस अदिति यादव भ्रामक पोस्ट को फैलाने वाले तीन मुख्य आरोपियों को नामजद किया है:
भारत कुमार पटेल
नागेश्वर सिंह बघेल
विनोद कुमार यादव
इन तीनों ही आरोपियों के खिलाफ भारतीय कानून और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत जालसाजी, धोखाधड़ी और महिला की छवि को सार्वजनिक रूप से नुकसान पहुँचाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। साइबर सेल की एक विशेष टीम इस सामग्री के डिजिटल फुटप्रिंट्स और इसके पीछे छिपे अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीक जांच कर रही है।
UP NEWS NETWORK इस तरह की ओछी, घिनौनी और भ्रामक सोशल मीडिया हरकतों की कड़े से कड़े शब्दों में घोर निंदा करता है। किसी की भी बेटी क्यों न हो, यदि इस तरह की AI एनिमेटेड वीडियो, एडिटेड तस्वीरों या किसी भी अन्य भ्रामक डिजिटल माध्यम से देश या प्रदेश की किसी भी बेटी की इज्जत उछालने का कुत्सित प्रयास किया जाएगा या उसे समाज में बदनाम करने की कोशिश की जाएगी, तो हमारा संस्थान उसके खिलाफ पूरी प्रखरता से आवाज उठाएगा।
हमारा यह स्पष्ट मानना है कि बेटियों का किसी भी प्रकार की गंदी राजनीति, दलीय प्रतिद्वंद्विता या आपसी विवादों से कोई लेना-देना नहीं होता है। बेटी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की होती है, बेटी सबकी होती है। UP NEWS NETWORK उत्तर प्रदेश सरकार, शासन और पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग करता है कि ऐसे कुंठित और दोषी तत्वों पर ऐसी सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जो एक नजीर बने। इससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी बेटी के सम्मान से खेलने की जुर्रत न कर सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हमारे समाज में दोबारा न हो।

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