पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर सरकार सख्त!
Twisha Sharma Case में जमानत पर उठे बड़े सवाल
भोपाल | UP News Network
Twisha Sharma संदिग्ध मौत मामले में अब मृतका की सास और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की भूमिका भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि वह जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही हैं।
सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि गिरिबाला सिंह एक प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं और उनके बाहर रहने से मामले के अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
⚖️ तीन बार नोटिस, फिर भी नहीं पहुंचीं
भोपाल पुलिस के अनुसार गिरिबाला सिंह को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वह जांच एजेंसियों के सामने उपस्थित नहीं हुईं। पुलिस का कहना है कि लगातार असहयोग की वजह से जांच प्रभावित हो सकती है।
इसी आधार पर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है।
🏛️ तुषार मेहता ने रखा सरकार का पक्ष
जबलपुर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में कहा कि आरोपी पक्ष जांच में सहयोग नहीं कर रहा और इससे संवेदनशील साक्ष्यों को नुकसान पहुंच सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई को डबल बेंच के पास भेज दिया है।
🚨 पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल
Twisha Sharma केस में पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि रिपोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश हुई और कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया।
अब हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली AIIMS की टीम दोबारा पोस्टमार्टम करेगी।
🔥 मुख्य बिंदु
✅ पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर बढ़ा दबाव
✅ सरकार ने जमानत का किया विरोध
✅ जांच में असहयोग का आरोप
✅ हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
✅ दिल्ली AIIMS करेगी री-पोस्टमार्टम
✅ Twisha Case बना हाई प्रोफाइल मामला

