योगी जी काफिला न घटाइए, आपकी सुरक्षा जरूरी है’: गोरखपुर में रवि किशन की भावुक अपील, सीएम ने ली चुटकी— ‘आपको देखकर एसी-कूलर बंद हो गए’
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अपने गृह जनपद गोरखपुर में ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ में शामिल हुए। इस दौरान मंच पर राजनीति के साथ-साथ अपनेपन और सुरक्षा को लेकर एक खास नजारा देखने को मिला। गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ से एक भावुक अपील की, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
सांसद रवि किशन की अपील: “आपकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण”
सांसद रवि किशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी दो गाड़ी पर आ गए हैं और सीएम योगी भी ऐसा ही कर रहे हैं, लेकिन यह खतरनाक है। पूरी दुनिया आप पर नजर रखती है, जिसमें कई आतंकवादी संगठन और दुश्मन पड़ोसी देश भी शामिल हैं। कृपया अपनी सुरक्षा कम न करें।”
रवि किशन ने भावुक होते हुए यहाँ तक कह दिया कि, “सांसद होने के नाते हम लोग काफिला लेकर चलना बंद कर देंगे, हम साइकिल से चल लेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अपना काफिला कम न करें।”
सीएम योगी का पलटवार: “रवि किशन को देखकर कूलर बंद हो गया”
जब सीएम योगी आदित्यनाथ के संबोधन की बारी आई, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में रवि किशन की चुटकी ली। सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं मंच पर आया तो रवि किशन को देखकर यहाँ का कूलर और एसी ने भी काम करना बंद कर दिया। मैंने उनसे कहा कि आपको देखकर सब बंद हो गया।” सीएम की इस टिप्पणी पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा।
भारत का पैसा भारत में रहना चाहिए: सीएम योगी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों और भारत की ताकत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम पूरी दुनिया में बढ़े हैं, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री ने इसका बोझ जनता पर नहीं आने दिया।
सीएम ने जनता से आह्वान किया— “विदेश घूमने न जाएं, देश में घूमें। सोना न खरीदें। भारत का पैसा भारत में ही रहना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि आज भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है और अकेले उत्तर प्रदेश पूरी दुनिया का पेट भरने की ताकत रखता है।
ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का लिया आशीर्वाद
प्रबुद्ध सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया।

